मैन मेड फाइबर, धागे और फैब्रिक पर 1 जनवरी से लगेगा 12% GST, सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन

 








केंद्र सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) की विसंगतियों को दूर करते हुए मैन मेड फाइबर (Manmade Fibre- MMF), धागे (Yarn) और फैब्रिक (fabrics) पर 1 जनवरी 2022 से एक समान 12 फीसदी जीएसटी लगाने का फैसला किया है। वर्तमान में MMF, MMF धागे और MMF फैब्रिक पर टैक्स की दर क्रमश: 18 प्रतिशत, 12 फीसदी और 5 फीसदी है।


केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता और राज्यों के वित्त मंत्रियों की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद ने 17 सितंबर को अपनी पिछली बैठक में फैसला किया था कि कपड़ा क्षेत्र में टैक्स विसंगतियों को 1 जनवरी, 2022 से ठीक किया जाएगा। इस निर्णय को प्रभावी करते हुए सेंट्रल बोर्ड ऑफ इन डायरेक्ट टैक्स (CBIT) ने 18 नवंबर को एक अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी।


महंगे होंगे कपड़े!


नई अधिसूचना जारी होने के बाद अब एक जनवरी 2022 से फैब्रिक पर जीएसटी 5 फीसदी से बढ़कर 12 फीसदी हो जाएगा। अब नए साल से किसी भी कीमत के फैब्रिक पर 12 फीसदी जीएसटी लगेगा। पहले 1,000 तक की कीमत के फैब्रिक पर 5 फीसदी जीएसटी लगता था। अब हाथों से बुने हुए कपड़े, सिंथेटिक धागे, थान, कंबल, टेंट, टेबल क्लॉथ, रग्स समेत कई तरह के कपड़ों पर जीएसटी 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी कर दिया है।

टैक्स स्लैब में हो सकता है सुधार

कई सामान्य इस्तेमाल की चीजों को GST से छूट भी दी गई है। 150 सामानों और 80 से अधिक सेवाओं पर GST नहीं लगाया जाता है। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले कई महीने में GST कलेक्शन में उत्साहजनक रुझान देखने को मिला है। लिहाजा टैक्स स्लैब में कुछ सुधार किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सरकार 5 फीसदी के टैक्स स्लैब को समाप्त कर अब सिर्फ 12, 18 और 28 फीसदी की दरें रखने का फैसला कर सकती है।



टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी की उम्मीद


इस बीच सरकार चालू वित्त वर्ष 2021-22 में टैक्स कलेक्शन के लक्ष्य को पार कर जाएगी। राजस्व सचिव तरुण बजाज ने यह उम्मीद जताई है। चालू वित्त वर्ष में अक्टूबर तक सरकार का प्रत्यक्ष टैक्स कलेक्शन छह लाख करोड़ रुपये रहा है। वहीं वित्त वर्ष के दौरान प्रतिमाह औसत माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कलेक्शन करीब 1.15 लाख करोड़ रुपये है। बजाज ने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि सरकार का टैक्स कलेक्शन चालू वित्त वर्ष के लिए बजट अनुमान से अधिक रहेगा।\

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