हर महीने 100 करोड़ GST चोरी:20 टन स्क्रैप पर 1.80 लाख टैक्स, 24 हजार में रोज 200 गाड़ियां भेज रहे दलाल

 









राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में स्क्रैप की गाड़ियों में हर माह 100 करोड़ की जीएसटी चोरी हो रही है। फर्जी बिल और अधिकारियों से सांठगांठ कर दलाल हर ट्रक का महज 24 हजार रुपए लेकर सरकार को प्रति गाड़ी औसत 1.80 लाख रुपए की कर चोरी का नुकसान आए दिन पहुंचा रहा है। यह जीएसटी की चोरी कबाड़ियों द्वारा खरीदे जा रहे स्क्रैप से व फैक्ट्री से आ रहे हार्डवेयर के सामान पर होती है।

भास्कर रिपोर्टर ने सच जानने के लिए एक ट्रक चालक को विश्वास में लिया, उसका खलासी बन 4 दिन में 1174 दिन की यात्रा की। दलालों का नेटवर्क पुलिस से भी गहरा दिखा। किसी भी शहर में नाके की सूचना ट्रक चालक को पल-पल में मिल रही थी।

भास्कर रिपोर्टर ट्रक में राजस्थान से हरियाणा होते हुए पंजाब की गोविंदगढ़ मंडी पहुंचा, जहां स्क्रैप की डिलीवरी देनी थी। इस बीच 4 बार दलालों ने ट्रक को विभिन्न शहरों के बाहर 2 से 20 घंटे तक रुकवाए रखा और जैसे ही जीएसटी अधिकारी नाका हटाते, ट्रक चालक को मैसेज कर रवाना कराते। जानिए, कैसे फैला है इनका नेटवर्क और सरकार को कैसे हो रहा है नुकसान?

भास्कर पड़ताल
दलाल ही बताते हैं कि कहां, कब और किस रास्ते से जाना है
राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में होती है जीएसटी की सर्वाधिक चोरी



भास्कर रिपोर्टर चेतन द्विवेदी ने सच्चाई जानने के लिए ट्रक चालक के साथ 1174 किलोमीटर की यात्रा की। ट्रक चालकों से मिले इनपुट के आधार पर चेतन ट्रक का खलासी बनकर इनके साथ रवाना हुआ। इस बीच रास्ते में देखा कि संबंधित राज्य का दलाल ट्रक चालक को पल-पल बता रहा था कि कहां चेकिंग है, कहां नहीं है? यह भी कि कहां रुकना है और कब और किस रास्ते से कितने बजे निकलना है। यही कारण रहा कि बिना जीएसटी चुकाए 20 टन स्क्रैप को 3 राज्यों से होते हुए मंडी गोविंदगढ़ पहुंचने में ट्रक को कहीं भी किसी ने नहीं रोका।

ट्रक चालकों ने दावा किया कि राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और यूपी से हर दिन स्क्रैप की करीब 200 गाड़ियां पंजाब की मंडी गोविंदगढ़ सहित ऐसी अन्य फैक्ट्रियों में पहुंचती हैं। ये गाड़ियां 17 से 27 टन की होती हैं। इनमें सबसे ज्यादा 20 टन वाली हैं। इस तरह औसत 20 टन वाली गाड़ी में 20 टन माल पर 18% जीएसटी 1.80 लाख रुपए कर के रूप में सरकार को चुकाना होता है।

स्क्रैप का भाव बदलता रहता है, लेकिन औसत भाव 50 रुपए प्रति किलो रहता है। 20 टन ट्रक में 10 लाख का स्क्रैप होता है, जिस पर 1.80 लाख जीएसटी बनती है। इस हिसाब से 200 ट्रकों का नियमानुसार जीएसटी 3.60 करोड़ बनता है, लेकिन दलाल 24000 में गाड़ियों को विभिन्न राज्यों से पंजाब पहुंचा रहे हैं। यानी ये रोज 48 लाख रुपए लेते हैं। सरकार को 3.60 करोड़ रुपए का घाटा होता है।

ऐसे चलता है टैक्स चोरी का यह खेल
कबाड़ी, दलाल से ई-वे की जगह फर्जी बिल लेकर गोविंदगढ़ पहुंचाने की गारंटी लेता है। चालक को राज., हरियाणा, पंजाब के दलालों के नंबर मिल जाते हैं।

Comments

Popular posts from this blog

GST Updates 22.07.2021

Haryana first state to reimburse GST on Covid-related donations

Income Tax department detects ‘unaccounted transactions’ worth over ₹500 crore at Ahmedabad real estate firm