अब एक साथ भर सकेंगे दो साल का आयकर रिटर्न, 31 मई तक है मौका

 








आयकर रिटर्न 31 मई तक एक साथ दो साल का भर सकते हैं। बैंक से पहली बार लोन लेने वालों को इसका लाभ मिलेगा। कुछ आयकरदाता आयकर रिटर्न दाखिल करने में जुट गए हैं। आयकर विभाग ने वर्ष 2019 से प्रत्येक साल रिटर्न भरने का नियम बना दिया है। अगर कोई आयकरदाता किसी वित्तीय वर्ष का रिटर्न दाखिल करने से चूक जाता है तो वह दूसरे वित्तीय वर्ष में पुराना रिटर्न दाखिल नहीं कर सकता है।

वित्तीय वर्ष 2019-20 का रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2020 थी। कोरोना के कारण रिटर्न भरने की तारीख बढ़ाकर 31 मार्च 2021 कर दी गई थी। इसी बीच कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने लगा। उसके बाद लॉकडाउन लगा दिया गया। केंद्र सरकार ने एक बार फिर वित्तीय वर्ष 2019-20 का रिटर्न भरने की तारीख बढ़कर 31 मई 2021 कर दी है। दूसरी ओर वित्तीय वर्ष 2020-21 खत्म हो गया है। इस वित्तीय वर्ष का रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है। जिस आयकरदाता ने वित्तीय वर्ष 2019-20 का रिटर्न दाखिल नहीं किया है, वैसे आयकरदाता 31 मई तक वित्तीय वर्ष 2019-20 और वित्तीय वर्ष 2020-21 का रिटर्न एक साथ भर सकते हैैं। आयकरदाता को मैनुअल के बजाय ई-रिटर्न दाखिल करना पड़ेगा। कुछ आयकरदाता ने दो साल का एक साथ रिटर्न भरने की तैयारी शुरू कर दी है। रिटर्न भरने के लिए फोन पर कर अधिवक्ता व चार्टर्ड अकाउंटेंट से संपर्क स्थापित शुरू कर दिया है। वरिष्ठ कर अधिवक्ता एके सिंघल ने बताया कि 31 मई तक आयकरदाता दो वित्तीय वर्ष का रिटर्न दाखिल कर पाएंगे। पहली बार बैंक से लोन लेने वालों को इसका लाभ मिलेगा। बैंक से लोन लेने वालों को तीन साल का आयकर रिटर्न प्रपत्र देना पड़ता है। कई बार तो दो साल के रिटर्न प्रपत्र पर भी बैंक लोन दे देता है। पहली बार लोन लेने वाले 31 मई तक दो वित्तीय वर्ष का रिर्टन दाखिल करने के बाद बैंक से लोन लेने का आवेदन कर सकते हैं।

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