Income Tax Department: इससे अधिक सोना रखा तो होगी मुसीबत... आयकर विभाग कर सकता है जब्त

 








पराग मिश्रा, नईदुनिया विशेष, रायपुर। Income Tax Department: हमारे देश में सोना निवेश के लिए काफी पसंद किया जाता है। भारतीयों द्वारा सोने को बेहतर निवेश के विकल्प के रूप में देखा जाता है। लेकिन आपको इसकी भी जानकारी होनी चाहिए कि एक निश्चित सीमा से अधिक सोना खरीदकर आप मुसीबत में पड़ सकते हैं। आयकर विभाग आपका सोना जब्त कर सकता है। साथ ही आप पर कार्रवाई भी की जा सकती है।

जानकारी के अनुसार, सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) की गाइडलाइन के अनुसार, एक तय सीमा से अधिक सोना नहीं खरीदना चाहिए। अगर सोना खरीदते हैं, तो इसकी जानकारी रिटर्न फाइल में देनी चाहिए। नियम के अनुसार निश्चित सीमा से ज्यादा की खरीदारी पर चालान नहीं होने पर आपसे आयकर अधिनियम की धारा 132 के तहत पूछताछ की जा सकती है। इन नियमों के बारे में आपको जानकारी रखना जरूरी है। अपने रिटर्न फाइल में भी इसकी जानकारी देनी चाहिए।

आयकर नियमों के अनुसार, अगर कोई यह बता देता है कि सोना कहां से आया है और इसका सही सोर्स क्या है और इसका सबूत भी देता है, तो घर में कितना भी सोना रखा सकता है। मगर, अगर आपके पास सोर्स की जानकारी नहीं है तो मुश्किल होगी। इस स्थिति में नियमों के तहत विवाहित महिला के पास 500 ग्राम, अविवाहित महिला के पास 250 ग्राम और पुरुषों के पास केवल 100 ग्राम सोना ही रखा जा सकता है। ये तीनों स्थितियों में तय सीमा में सोना घर में रखने पर आयकर विभाग जब्त नहीं करेगा।

कर विशेषज्ञों से मिली जानकारी के अनुसार, सीबीडीटी ने एक दिसंबर 2016 को स्पष्ट रूप से बयान जारी कर रहा था कि अगर आपके पास सोर्स की जानकारी है। साथ ही आप इसका सबूत भी दे सकते हैं, तो कितना भी सोना रखा जा सकता है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि अगर आपके पास सबूूत है और सोर्स की जानकारी है तो कितना भी सोना रखिए
Download our App to get knowledge updates: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.gstmitraa
Join Our Telegram Channel for more updates: https://t.me/praveengst


Comments

Popular posts from this blog

High inflation can help reduce your income tax liability. Here's how

Haryana first state to reimburse GST on Covid-related donations

How much GST on income earned by providing guest lectures? What AAR ruling says