गुरुग्राम, फरीदाबाद सहित हरियाणा में GST Scam रोकने के लिए साफ्टवेयर में होगा बदलाव, कर वसूली के लिए संपत्ति होगी कुर्क

 








राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने बिना चालान माल की आवाजाही से होने वाले राजस्व के नुकसान को रोकने व अनुचित इनपुट टैक्स क्रेडिट के माध्यम से होने वाली अनियमितताओं को रोकने की योजना बनाई है। इसके लिए सरकार प्रविधान तो करेगी ही, साथ ही विभाग के साफ्टवेयर में भी संशोधन किया जाएगा। पानीपत में हाल ही में 100 करोड़ रुपये से अधिक के जीएसटी घोटाले का पता चलने के बाद राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में यह जानकारी दी।

जीएसटी घोटाले के संबंध में याचिका की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट में आबकारी और कराधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने एक हलफनामा दायर कर यह जानकारी दी। रस्तोगी ने अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर बताया कि जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट धोखाधड़ी को रोकने के लिए साफ्टवेयर में आवश्यक संशोधन किए जा रहे हैं। आठ करोड़ रुपये से अधिक की राशि के मामलों में कर की वसूली के लिए संपत्तियों की कुर्की के लिए आवश्यक कार्यवाही होगी।

इसी मामले में डीजीपी अपराध मोहम्मद अकील ने कोर्ट को जानकारी दी कि मामले की उचित जांच चल रही है और जल्दी ही कोर्ट में इस बाबत रिपोर्ट पेश कर दी जाएगी। एसपी पानीपत शशांक कुमार सावन ने कोर्ट को बताया कि सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) समालखा पूजा वशिष्ठ की देखरेख में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया था, जिसने अपनी रिपोर्ट दे दी है और इस घोटाले की कड़ी और जोड़ी जा रही हैं।

बता दें, हरियाणा एक्साइज एवं टैक्सेशन विभाग ने इसी वर्ष की शुरुआत में 1532 करोड़ का जीएसटी फर्जीवाड़ा पकड़ा था। इसमें 242 बोगस फर्म शामिल थे। विभाग 20 हजार से ज्यादा बोगस रजिस्टर्ड फर्मो को पकड़ चुका है। पूरे प्रदेश में जीएसटी फर्जीवाड़े में पानीपत शीर्ष पर है। पानीपत में 49 फर्मे पकड़ी गई थी। फरीदाबाद में 42, गुरुग्राम में 28, सोनीपत में 25 फर्मे पकड़े जा चुकी हैं। अन्य जिलों में दो से 15 तक फर्मे जीएसटी फर्जीवाड़े में पकड़ी गई थी।

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